श्री कृष्णा के अनमोल वचन Gita Quotes Prem Quotes in Hindi PDF

श्री कृष्णा के अनमोल वचन | Gita Quotes | Prem Quotes in Hindi PDF

Dharma Karma

श्री कृष्णा अनमोल वचन (Krishna Quotes in Hindi)

श्री कृष्ण के कई रूप हैं और उनके भक्त जिस रूप में उन्हें पूजते हैं श्री कृष्ण उसी रूप में उन्हें दर्शन देते हैं। श्री कृष्ण ने गीता में न सिर्फ अर्जुन को बल्कि मनुष्य को भी जीवन का पाठ पढ़ाया था. यहाँ हम श्री कृष्णा के कुछ अनमोल वचन (Krishna Quotes Hindi) प्रस्तुत कर रहे हैं .

1. गुस्से को कंट्रोल रखना – श्री कृष्ण  ने यह उपदेश दिया है कि ‘गुस्से से डर का जन्म होता है. कहते हैं कि डर से बुद्धि व्यग्र होती है. और जब बुद्धि व्यग्र होती है तब तर्क नष्ट हो जाता है. जब तर्क नष्ट होता है तब तक व्यक्ति का पतन भी हो जाता है.’

2. देखने का तरीका सही होना – भगवान श्री कृष्ण ने कहा है कि जो ज्ञानी व्यक्ति ज्ञान एवं कर्म को एक रूप में देखेगा. उसी का देखने का तरीका सही माना जाएगा.

3. मन को काबू में रखना – भगवान श्री कृष्ण ने यह कहा है कि जो भी व्यक्ति अपने मन को काबू में नहीं करते उनके लिए वह दुश्मन के समान कार्य करता है.

4. खुद को समझना – भगवान श्री कृष्ण ने यह कहा है कि जो लोग अपने आत्म-ज्ञान की तलवार से काटकर अपने ह्रदय से अज्ञान को संदेह से अलग कर देगा. वही अनुशासित बनेगा.

5. स्वयं का उद्धार करना – भगवान श्री कृष्ण ने कहा है कि जो मनुष्य अपने विश्वास व अपनी सोच से निर्मित होता है. जैसा वो विश्वास करता या अच्छा सोचता है तो वो वैसा ही बन जाता है.

6. प्रत्येक कार्य में अभ्यास का जरूरी होना – भगवान श्री कृष्ण ने कहा है कि जिसका मन अशांत रहेगा उसे किसी पर काबू करना उतना ही कठिन होगा , तो उसको अभ्यास करने से इन सब चीजो को वश में करना आ सकता है.

Also Read:-

Shri Radha Chalisa in Hindi – Benefits & Lyrics

श्री कृष्णा जन्माष्टमी के बारे में (Krishna Janmashtami Quotes Hindi)

कहा जाता है कि जन्माष्टमी हिन्दुओं का एक प्रसिद्ध त्यौहार होता है. जो भगवान् कृष्ण के नाम से जाना जाता है. यह पर्व भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को बड़ी धूम-धाम से मनाया जाता है. कहते हैं कि इस दिन भगवान् श्री कृष्ण का जन्म मथुरा में हुआ था.

ऐसा मानते हैं कि जन्माष्टमी का त्योहार सभी हिन्दुओं के लिए एक प्रमुख त्योहार है. इसे कृष्ण जन्माष्टमी भी कहते हैं. इसे अन्य नामों से भी जाना जाता है. जैसे- कृष्णाष्टमी, गोकुलाष्टमी, अष्टमी रोहिणी, श्री कृष्ण जयंती, श्री जयंती इत्यादि. परंतु अधिकांश लोग इसे ‘जन्माष्टमी’(Krishna Janmashtami Quotes) ही कहकर पुकारते हैं. हिन्दू इस त्योहार को भगवान विष्णु के अवतार कृष्ण के जन्म के रूप में मनाते हैं.

Also Read:-

श्री कृष्ण अष्टकम स्तोत्र | Lyrics| Benefits | Download PDF in Hindi

इस दिन कृष्ण मंदिरों में भव्य समारोह किये जाते हैं. पूरे भारत में जगह – जगह श्रीकृष्ण की झांकियां सजाई जाती हैं तथा रास लीला व गीत – गाने का भव्य आयोजन भी किया जाता है. कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर अपने रिश्तेदारों और दोस्तों को ये शुभकामना संदेश और कोट्स Krishna Janmashtami Quotes भेज कर शुभकामना दें।

1-कृष्ण जिनका नाम,
गोकुल जिनका धाम,
ऐसे श्री कृष्ण भगवान को,
हम सब का प्रणाम।
कृष्ण जन्मानष्ट मी की शुभकामनाएं!!

2-नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की।
आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की।
कृष्णउ जन्मादष्ट मी की शुभकामनाएं!!

3-कण-कण में वो करे निवास,
गोपियों संग जो रचाए रास
देवकी-यशोदा जिनकी मैया
ऐसे हमारे किशन कन्हैया
जन्माष्टमी की ढेरों बधाइयां

4-कन्हैया की महिमा, कन्हैया का प्यार
कन्हैया में श्रद्धा ,कन्हैया से संसार
मुबारक हो आपको, जन्माष्टमी का त्योहार

5- माखन चुराकर जिसने खाया,
बंसी बजाकर जिसने नचाया,
खुशी मनाओ उसके जन्म दिन की,
जिसने दुनिया को प्रेम का रास्ता दिखाया
कृष्ण जन्माष्टमी की बधाई !

6- माखन का कटोरा, मिश्री का थाल,
मिट्टी की खुशबू, बारिश की फुहार,
राधा की उम्मीदें , कृष्ण का प्यार,
मुबारक हों आपको, जन्माष्टमी का त्यौहार।

7- गोकुल में जो करे निवास,
गोपियों संग जो रचाये रास,
देवकी-यशोदा जिनकी मैया,
ऐसे हमारे किशन कन्हैया।

8- माखन चोर नन्द किशोर, बांधी जिसने प्रीत की डोर|
हरे कृष्ण हरे मुरारी, पूजती जिन्हें दुनिया सारी,
आओ उनके गुण गाएं, सब मिल के जन्माष्टमी मनाएं|

9- श्री कृष्ण के कदम आपके घर आएं
आप खुशियों के दीप जलाएं,
परेशानी आपसे आंखे चुराए
जन्माष्टमी की शुभकामनाएं…

10- रूप बड़ा प्यारा है, चेहरा बड़ा निराला है
बड़ी से बड़ी मुसीबत को अपने कान्हा ने
पल भर में हल कर डाला है|
हैप्पी जन्माष्टमी ..

Also Read:-

श्री कृष्ण अष्टकम स्तोत्र | Lyrics| Benefits | Download PDF in Hindi

Lord Krishna Quotes In Hindi On Love

भगवान श्री कृष्ण ने कहा है कि प्यार  ही जीवन का मूल आधार है. जिस के जीवन में प्यार , मोहब्बत  है उस के जीवन में शांति ही शान्ति है. प्यार में ही शांति समाई हुई है। प्यार है तो थोड़े में संतुष्टि बनी रहती है. और अगर जीवन में प्यार नाम की कोई चीज नहीं है तो बहुत कुछ होने पर भी संतुष्टि नहीं रहती है. तो हम यहाँ लाये हैं आपके लिए कुछ Lord Krishna Quotes In Hindi On Love..

1.तेरी भोली सी सूरत साँवरिया..
मेरे दिल में बसी जा रही है.
अब तो पहले से भी कहीं ज़्यादा..
न जाने क्यों याद आ रही है

2.जिस प्रेम में प्रमाण देना पड़े,
वह प्रेम नहीं है.
प्रेम को प्रमाण की नहीं,
समझने की जरूरत होती है.

3.जिससे प्रेम करते हो उसे समझने की कोशिश करो,
परखने के लिए तो सारी दुनिया पड़ी है.

4.यदि किसी का प्रेम देखना है,
तो उसे निस्वार्थ प्रेम दीजिये.

5.प्रेम का असली अर्थ है समर्पण,
सम्पूर्ण निस्वार्थ समर्पण.।

6.प्रीत में तेरी कान्हा मैं अब पागल सी होने लग गयीं हूँ,
बंसी की धुन सुनके मधुर मैं दिन रात थिरकने लग गयीं हूँ।

7.मुझे मिला नहीं मौका अभी,
कि कुछ कर गुजर जाऊँ,
हाथ पकड़ के कर दे पार सांवरिया,
कि मैं भी तेरा शुक्र मनाऊँ।।

8.करके बच्चों सी नादानी ,
हो गई मैं जग से अंजानी,
अपने ही प्रेम से बेगानी,
हो गई मैं भी कृष्ण की दिवानी

9.जिस पर राधा को मान है ,
जिस पर राधा को गुमान है,
यह वही कृष्ण हैं ,
जो राधा के दिल में हर जगह विराजमान हैं।

10.राधा ने श्री कृष्णा से पूछा प्यार का असली मतलब क्या होता है,
श्री कृष्णा ने हंस कर कहा जहाँ मतलब होता है वहां प्यार ही कहाँ होता है.

11.अगर तुमने राधा के कृष्ण के प्रति समर्पण को जान लिया,
तो तुमने प्यार को सच्चे अर्थों में जान लिया।

12.पीर लिखो तो मीरा जैसी,
मिलन लिखो कुछ राधा सा।
दोनों ही है कुछ पूरे से,
दोनों में ही वो कुछ आधा सा। जय श्री कृष्णा।

13.प्यार में कितनी बाधा देखी,
फिर भी कृष्ण के साथ राधा देखी।

14.पलकें झुकें और नमन हो जाये,
मस्तक झुके और वंदन हो जाये
ऐसी नज़र कहाँ से लाऊं
कान्हा कि तुझे याद करूँ और तेरे दर्शन हो जाएँ ।

15.हे कान्हा..पलकों पर आ रुका है
समुन्दर खुमार का,कितना अजब नशा है तेरे इंतज़ार का .

Also Read:-

Shri Krishna Chalisa in Hindi – Benefits & Lyrics

कृष्णा और अर्जुन उपदेश हिंदी में (Krishna to Arjuna Quotes in Hindi)

श्री कृष्ण ने अर्जुन से कहा था- कि कभी भी किसी प्रकार की अधिकता नहीं करनी चाहिए. चाहे वो रिश्ते व अपने परिवार में हों या कोई खाने-पीने में हों. किसी भी चीज में अधिकता नुकसान दायक सिद्ध हो सकती है. जैसे की संबंधों में कड़वाहट या कोई मन – मुटाव हो या फिर कोई मधुरता हो. जीवन में हर चीज में अपना संतुलन बनाए रखना बहुत ही परम आवश्यक होता है.

श्री कृष्ण ने अर्जुन से कहा था- कि जीवन में कोई भी काम करने से पहले स्वयं को समझना बहुत ही आवश्यक होता है. साथ ही साथ अगर किसी काम को करते समय अनुशासन में नहीं रहते हो तो आपका कोई काम ठीक प्रकार से नहीं होता है.

श्री कृष्ण ने अर्जुन से कहा था- कि हे अर्जुन विषम कठिनाइयों में कायरता प्राप्त करना श्रेष्ठ मनुष्यों के आचरण के विपरीत माना जाता है. इन्हें न तो स्वर्ग की प्राप्ति है और न ही इससे कोई कीर्ति प्राप्त होगी.

श्री कृष्ण ने अर्जुन से कहा था- कि हे अर्जुन तुम ज्ञानियों की तरह बात अवश्य करते हो, परन्तु  जिनके लिए शोक नहीं करना चाहिए, उनके लिए आप शोक में डूबे रहते हो. मृत या जीवित, ज्ञानी व्यक्ति कभी किसी के लिए शोक नहीं किया करते.

Also Read:-

6 तारीख को जन्मे लोग. LOVE, SUCCESS, HEALTH, CAREER, NATURE

राधा कृष्णा कोट्स हिंदी में( Radha Krishna Quotes Hindi)

ऐसा कहा जाता है कि श्री कृष्ण की विख्यात प्राणसखी एवं उपासिका राधा वृषभानु नामक गोप की पुत्री थी. राधा कृष्ण शाश्वत प्रेम का प्रतीक माना जाता हैं. कहते हैं कि राधा की माता कीर्ति के लिए ‘वृषभानु पत्नी’ शब्द का प्रयोग किया जाता है एवं राधा को कृष्ण की प्रेमिका और कहीं-कहीं पत्नी के रुप में दर्शाया गया है.

माना जाता है कि राधा-कृष्ण का नाम एक-दूसरे के बिना नहीं लिया जाता है. दोनों का नाम एक साथ ऐसे लिया जाता है जैसे मानों यह एक ही नाम हो. राधा के बिना कृष्ण अधूरे हैं और कृष्ण के बिना राधा जी अधूरी हैं.

यहाँ पढ़ें Radha Krishna Quotes in Hindi.

1.राधा कृष्ण का मिलन तो बस एक बहाना था,
दुनियां को प्यार का सही मतलब जो समझाना था।

2.यदि प्रेम का मतलब सिर्फ पा लेना होता,
तो हर हृदय में राधा-कृष्ण का नाम नहीं होता।

3.राधा के सच्चे प्रेम का यह ईनाम है,
कान्हा से पहले लोग लेते राधा का नाम है।

4.कृष्ण की प्रेम बाँसुरिया सुन भई वो प्रेम दीवानी,
जब-जब कान्हा मुरली बजाए दौड़ी आये राधा रानी।

5.एक तरफ साँवले कृष्ण, दूसरी तरफ राधिका गोरी
जैसे एक-दूसरे से मिल गए हों चाँद-चकोरी।

6.”कान्हा को राधा ने प्यार का पैगाम लिखा
पूरे खत में सिर्फ कान्हा कान्हा नाम लिखा..”

7.”कृष्ण की प्रेम बाँसुरिया सुन भई वो प्रेम दिवानी
जब-जब कान्हा मुरली बजाएँ दौड़ी आये राधा रानी..”

8.प्रेम की भाषा बड़ी आसान होती है,
राधा-कृष्ण की प्रेम कहानी ये पैगाम देती है..”

9.संगीत है श्रीकृष्ण, सुर है श्रीराधे
शहद है श्रीकृष्ण, मिठास है श्रीराधे
पूर्ण है श्रीकृष्ण, परिपूर्ण है श्रीराधे
आदि है श्रीकृष्ण, अनंत है श्रीराधे

10.राधा की चाहत हैं कृष्ण,
उसके दिल की विरासत हैं कृष्ण,
चाहे कितना भी रास रचा ले कृष्ण,
दुनिया तो फिर भी यही कहती है,
राधे कृष्ण राधे कृष्ण।

श्री कृष्णा गीता उपदेश हिंदी में ( Krishna Quotes Bhagavad Gita In Hindi)

1.भगवत गीता में लिखा है कि गुस्सा से डर का जन्म होता है, डर से बुद्धि व्यग्र होती है। जब बुद्धि व्यग्र होती है तब तर्क हमेशा के लिए खत्म हो जाते हैं. जब तर्क ख़त्म हो जाते हैं तो व्यक्ति का पतन शुरू होने लगता है. जो ज्ञानी पुरुष अपने ज्ञान एवं कर्म को एक रूप में देखता है, उसी का नजरिया सही माना जाता है.
2. भगवत गीता में यह भी लिखा है कि व्यक्ति को सिर्फ और सिर्फ अपने कर्म के ऊपर ध्यान देना चाहिए एवं कर्म में करते समय हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि जो कर्म हम कर रहे हैं वह हमारे पास लौटकर अवश्य आएगा. … भगवत गीता हमें यह सिखाती है कि यदि जीवन में कोई काम शुरू कर दें तो उस काम को पूरा करके ही व्यक्ति को ठहरना चाहिए.
3. भगवान श्री कृष्ण ने कहा है कि हर काम का फल मिलता है इस जीवन में ना तो कुछ खोता है और ना ही व्यर्थ होता है.
4.यह भी कहा है कि विषयों का चिंतन करने से विषयों की आसक्ति होती है. जो आसक्ति से इच्छा प्रकट होती है एवं इच्छा से क्रोध उत्पन्न होता है. और क्रोध से सम्मोहन एवं अविवेक उत्पन्न होता है.
5. भगवान श्री कृष्ण ने कहा है कि संयम का प्रयत्न करते हुए ज्ञानी पुरुष के मन को भी जो चंचल इंद्रियां बलपूर्वक उसको अपने वश में कर लेती हैं। और जिसकी इंद्रियां वश में होती है, उसकी बुद्धि स्थिर हो जाती है.
6. भगवान श्री कृष्ण ने कहा है कि शांति से भी दुखों का विनाश हो जाता है एवं शांत चित्त पुरुष की बुद्धि जल्द ही स्थिर होकर परमात्मा से मिल जाती है.
7.भगवान श्री कृष्ण ने कहा है कि जो भी पुरुष अपने जीवन और आध्यात्मिक ज्ञान के चरणों के लिए दृढ़ संकल्प में स्थिर है वह सामान्य रूप से कठिनाइयों के आक्रमण को सहन कर सकते हैं एवं निश्चित रुप से खुशियां एवं मुक्ति पाने के पात्र होते हैं.
8.भगवान श्री कृष्ण कहते हैं कि केवल कर्म करना ही मनुष्य के वश में होता है, कर्मफल को नहीं.
9. भगवान श्री कृष्ण ने कहा है कि जो मन को काबू में नहीं करते उनके लिए यह दुश्मन के समान कार्य करता है.
10. भगवान श्री कृष्ण यह भी कहते हैं कि सुख – दुख, लाभ – हानि एवं जीत – हार की चिंता ना करके, मनुष्य को अपनी शक्ति के अनुसार अपना कर्तव्य कर्म करना चाहिए. ऐसे भाव से कर्म करने पर मनुष्य को पाप बिल्कुल नहीं लगता.
11- भगवान श्री कृष्ण कहते हैं कि सम्मानित पुरुष के लिए अपमान मृत्यु से भी बढ़कर है.