GAYATRI MANTRA CALLIGRAPHY MEANING HELLOZINDGI

Gayatri Mantra with Meaning in Hindi | Benefits | Words | Lyrics

Mantra Vedic

Gayatri Mantra Words in Sanskrit

ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यम्,

भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्!

Om Bhur Bhuva Swaha Lyrics in English

Om bhur bhuvaha svaha Tat savitur varenyam,

Bhargo devasya dhimahi Dhiyo yo nah prachodayat!

ऐसा कहा जाता है कि जो भी व्यक्ति गायत्री मन्त्र (Om Bhur Bhuva Swaha Lyrics) का रोजाना जाप करता है, वह अवश्य ही सभी दुखों के सागर को पार करता है , और उसे परम आनंद की प्राप्ति होती है. गायत्री मंत्र के उच्चारण से ही हमारे दिमाग में आ रहे नकारात्मक विचारों का विनाश हो जाता है, जिस से हमारे अन्दर एक नयी ऊर्जा का संचार होता है.

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ब्रह्मा जी को गायत्री मंत्र आकाशवाणी से मिला था

पुराणों में कहा गया है कि सृष्टिकर्ता ब्रह्मा जी को गायत्री मंत्र आकाशवाणी के द्वारा मिला था. इस मंत्र की साधना करने से ही ब्रह्मा को सृष्टि की रचना करने की शक्ति प्राप्त हुई थी. शास्त्रों के अनुसार यह मंत्र चारों वेदों का सर्वश्रेष्ठ मंत्र कहा गया है. गायत्री मंत्र सनातन एवं अनादि मंत्र है, जो गायत्री मंत्र के 24 अक्षर 24 अत्यंत ही महत्त्वपूर्ण शिक्षाओं के प्रतीक हैं.

माँ गायत्री हैं वेदमाता

गायत्री को वेदमाता भी कहा जाता है चारों वेद, गायत्री की व्याख्या मात्र ही हैं जो गायत्री को जाननेवाला वेदों को जानने का लाभ प्राप्त करता है. गीता में कहा गया है कि इस मंत्र को अपनाकर मनुष्य व्यक्तिगत और सामाजिक सुख-शांति को पूर्ण रूप से पा सकता है. भारतीय संस्कृति की चार आधारशिलाएं गायत्री, गीता, गंगा और गौ हैं जो इनमें गायत्री का स्थान सर्वोपरि है.

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स्वयं भगवन का ही स्वरुप है गायत्री मंत्र Gayatri Mantra

जिस व्यक्ति ने गायत्री के छिपे हुए रहस्यों को जान लिया, उसके लिए और कुछ जानना शेष नहीं रहता है . गीता में भगवान ने स्वयं कहा है गायत्री छंदसामहम अर्थात् गायत्री मंत्र मैं स्वयं ही हूँ . विद्वानों का मत है कि गायत्री मंत्र सूर्य भगवान को समर्पित है, इसलिए इस मंत्र को सूर्योदय और सूर्यास्त के समय पढ़ा जाता है. संस्कृत का यह मंत्र ऋग्वेद से लिया गया है, जो भृगु ऋषि को समर्पित है .

गायत्री मंत्र की महिमा

समस्त धर्म ग्रंथों में गायत्री की महिमा को एक ही स्वर से में बताया गया है. समस्त ऋषि-मुनि मुक्त कंठ से इस मंत्र का गुण-गान करते हैं. शास्त्रों में गायत्री की महिमा के पवित्र वर्णन मिलते हैं. यह मंत्र तीनों देव, बृह्मा, विष्णु और महेश का सार है. गीता में भगवान् ने स्वयं कहा है ‘गायत्री छन्दसामहम्’ अर्थात् गायत्री मंत्र मैं स्वयं ही हूँ.

ईश्वर प्राप्ति का साधन है गायत्री मंत्र

माना जाता है कि गायत्री मंत्र ऋग्वेद  से लिया गया है. यह ॐ के बराबर एक महत्त्वपूर्ण मंत्र है. जो गायत्री मंत्र यजुर्वेद के मन्त्र ‘ॐ भूर्भुवः स्वः’ और ऋग्वेद के छन्द के मेल से बना है. मान्यता है कि इस मंत्र के उच्चारण और इसे समझने से ईश्वर की प्राप्ति होती है. इसे श्री गायत्री देवी के स्त्री रुप मे भी पूजा जाता है.

Gayatri Mantra Benefits

In the following paragraphs we will talk about immense benefits of Gayatri Mantra. ऐसा कहा जाता है कि इस मंत्र का प्रयोग भगवान की भक्ति, ब्रह्मज्ञान प्राप्ति और दैवीय कृपा प्राप्त करने के साथ ही सांसारिक एवं भौतिक सुख-सुविधाओं, धन प्राप्त करने की इच्छा के लिए भी किया जाता है.

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विद्यार्थियों के लिए विशेष लाभकारी

विद्यार्थियों के लिए यह मंत्र काफी फलदायक है. रोजाना इस मंत्र का एक सौ आठ बार जप करने से विद्यार्थी को सभी प्रकार की विद्या प्राप्त करने में आसानी होती है.  ऐसा मानना है कि छात्र – छात्राओं को पढऩे में मन नहीं लगना, याद किया हुआ भूल जाना, शीघ्रता से याद न होना आदि समस्याओं से छुटकारा मिल जाता है.

सकारात्मक विचार एवं बौद्धिक विकास

इतना ही नहीं बल्कि रोजाना गायत्री मंत्र का जाप करने से हमारे अन्दर सकारात्मक विचारों के साथ – साथ हमारा मानसिक, बौद्धिक एवं आध्यात्मिक विकास होता है एवं और स्मरण शक्ति बहुत तीव्र हो जाती है. माना जाता है कि सभी चारों वेदों का सार इस मंत्र में समाहित है इसीलिए शास्त्रों के अनुसार यह मंत्र वेदों का श्रेष्ठ मंत्र माना गया है.

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मस्तिष्क रहता है संतुलित

गायत्री मंत्र का एक अन्य फायदा ये है कि इसके उच्चारण से दिमाग सन्तुलन में रहता है एवं जल्दी गुस्सा नहीं आता. कुछ अन्य समस्याएं जैसे कि आपा खो बैठना , पढ़ाई में मन न लगना इत्यादि भी इस मंत्र के नियमित उच्चारण मात्र से दूर हो जाती है. तथा बौद्धिक क्षमता और मेधा शक्ति यानी स्मरण की क्षमता बढ़ती है. इससे व्यक्ति का तेज बढ़ता है और साथ ही दुःखों से छूटने का रास्ता मिलता है.

श्वशन क्रिया होती है सुचारू

ऐसा भी देखा गया है कि गायत्री मंत्र Gayatri Mantra के उच्चारण से आपकी श्वशन क्रिया काफी अच्छी होती है  साथ ही इसके रोजाना जप करने से फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ती है एवं ही शरीर में आक्सीजन का प्रवाह भी बढ़ता है.

नष्ट होती है नकारात्मकता

माना जाता है कि इस मंत्र में इतनी शक्ति है कि नियमित एक सौ आठ बार इसका जप करने वाले व्यक्ति के आस-पास नकारात्मक शक्तियाँ (यानी भूत-प्रेत और ऊपरी बाधाएँ) नहीं भटकती हैं.

प्राप्त होती है मानसिक शांति

गायत्री मंत्र के जाप का एक अन्य लाभ benefit of Gayatri Mantra है कि इससे मानसिक शांति के साथ-साथ अच्‍छी सेहत भी मिलती है। लोगों ने महसूस किया है कि गायत्री मंत्र को बोलने से घर में सब शुभ होता है और साथ ही यह मंत्र सुख के साथ आपको अच्‍छी सेहत भी मिलती है क्योंकि ये चार वेदों और 24 शब्‍दांशों से मिल कर बना गायत्री मंत्र आपके शारीरिक और मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य पर बहुत अच्‍छा प्रभाव डालता है.यह बात बहुत कम लोग जानते हैं.

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Gayatri Mantra with Meaning

ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यम्,

भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्!

Gayatri Mantra Translation in Hindi

इस पृथ्वी, अंतरिक्ष, व स्वर्ग के मूल में व्याप्त चैतन्य परम शक्ति याद रखने योग्य है यह तत्व देव स्वरूप है जो पापों तथा अज्ञान को दूर करने वाला है और चराचर जगत में व्याप्त है. हम ये प्रार्थना करते हैं कि हमारी बुद्धि को ऐसी शक्ति दीजिये कि हमारी बुद्धि प्रचंड होकर तेजस्वी हो. और सत्य पथ पर चलने के लायक हो सके.

Om Bhoor Bhuwah Swaha Meaning in English

The following is the answer to your question that What is the Meaning of Gayatri Mantra?

Om bhur bhuvaha svaha Tat savitur varenyam,

Bhargo devasya dhimahi Dhiyo yo nah prachodayat!

It is worth remembering that the Supreme Chaitanya, the supreme power, which is present in the origin of this earth, space and heaven, is the God form, which removes sins and ignorance and pervades the pastoral world. We pray that give such strength to our intellect that our intellect becomes splendid and brilliant. And be able to walk on the path of truth.

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ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यम्,

भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्!

Gayatri Mantra Translation in Hindi

इस पृथ्वी, अंतरिक्ष, व स्वर्ग के मूल में व्याप्त चैतन्य परम शक्ति याद रखने योग्य है यह तत्व देव स्वरूप है जो पापों तथा अज्ञान को दूर करने वाला है और चराचर जगत में व्याप्त है. हम ये प्रार्थना करते हैं कि हमारी बुद्धि को ऐसी शक्ति दीजिये कि हमारी बुद्धि प्रचंड होकर तेजस्वी हो. और सत्य पथ पर चलने के लायक हो सके.

Om Bhoor Bhuwah Swaha Meaning in English

Om bhur bhuvaha svaha Tat savitur varenyam,

Bhargo devasya dhimahi Dhiyo yo nah prachodayat!

It is worth remembering that the Supreme Chaitanya, the supreme power, which is present in the origin of this earth, space and heaven, is the God form, which removes sins and ignorance and pervades the pastoral world. We pray that give such strength to our intellect that our intellect becomes splendid and brilliant. And be able to walk on the path of truth.

Gayatri Mantra word to word meaning in Hindi

ॐ = प्रणव

भूर = मनुष्य को प्राण प्रदाण करने वाला

भुवः = दुख़ों का नाश करने वाला

स्वः = सुख़ प्रदाण करने वाला

तत = वह, सवितुर = सूर्य की भांति उज्जवल

वरेण्यं = सबसे उत्तम

भर्गो = कर्मों का उद्धार करने वाला

देवस्य = प्रभु

धीमहि = आत्म चिंतन के योग्य (ध्यान)

धियो = बुद्धि,

यो = जो,

नः = हमारी,

प्रचोदयात् = हमें शक्ति दें

Gayatri Mantra ki Rachna Kisne ki Thi

ऐसा माना जाता है कि गायत्री मंत्र की रचना ऋषि विश्वामित्र ने की थी.

Who Composed the Gayatri Mantra

It is believed that the Gayatri Mantra was composed by sage Vishwamitra.

किस समय करें गायत्री मंत्र जप?

वैसे तो हमने पहले ही इस पोस्ट में बताया है कि गायत्री मंत्र को सूर्योदय और सूर्यास्त के समय पढ़ा जाता है लेकिन फिर भी यदि संध्याकाल के अलावा गायत्री मंत्र का जप करना हो,  तो ऐसे में शांत रहकर मानसिक रूप से इस मंत्र जप करना श्रेष्ठ माना जाता है.

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कौन सी माला से करें गायत्री मंत्र जप?

गायत्री मंत्र का जप करने के लिए हमेशा रुद्राक्ष की माला का ही प्रयोग करें. जब भी माला करें मंत्र जप की संख्या 108 होनी चाहिए अर्थात कम से कम एक माला अवश्य करें.