Rojgar Par Nibandh In Hindi Rojgar Short Essay

 Rojgar Par Nibandh In Hindi | Rojgar Short Essay

NIBANDH IN HINDI

दोस्तों इस पोस्ट में हम Rojgar Par Nibandh रोजगार पर हिंदी में निबंध प्रस्तुत करने जा रहे हैं. उम्मीद है कि रोजगार Essay in Hindi आपका ज्ञान वर्धन अवश्य करेगा. हिंदी निबंध का हिंदी भाषा के अध्ययन में अपना ही एक महत्वपूर्ण स्थान है. तो आइये अब पढ़ते हैं रोजगार पर हिंदी में निबंध. 

प्रस्तावना

आपको बता दें कि भारत में कई समस्याओं में बेरोजगारी की समस्या गंभीर समस्याओं में से एक है। रोजगार करना सभी इंसानो की आवश्यकता है। सभी मनुष्य शिक्षित होकर रोजगार की तलाश में पूर्ण रूप से जूट जाते हैं। बहुत लोगो को नौकरी प्राप्त होती है और कुछ लोग इससे वंचित भी रह जाते हैं।

रोजगार करना मनुष्य के जिन्दगी का एक अहम पहलू है। रोजगार के बिना गुजारा करना बहुत ही मुश्किल भी है। सभी लोगो को जीवन में तीन प्रमुख साधनो की ज़रूरत होती है, जो कि है भोजन, कपड़ा एवं सर ढकने का स्थान. 

रोजगार हमारी मुलभुत आवश्यकता है। रोटी,कपड़ा ,मकान मनुष्य की सबसे बड़ी जरूरत है परन्तु वह भी हम बिना रोजगार के नहीं हासिल कर सकते। रोजगार का अर्थ है ऐसा कोई भी साधन जिससे हम अपनी जीविका चला सके। हर मनुष्य को अपने जीवन में रोजगार को कोई न कोई माध्यम चुनना पड़ता है। रोजगार केवल हमें धन नहीं देता अपितु ज्ञान एवं उन्नति का अवसर भी देता है।

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रोजगार के विभिन्न मौके / क्षेत्र

आज कल कई विद्यार्थी कॉलेज में पढ़ने के साथ पार्ट टाइम जॉब भी करते हैं। यह इसलिए ताकि वह अपने आगे की पढ़ाई का खर्चा स्वयं उठा सके। कुछ लोग अपने स्वयं का व्यापार करते हैं। इस प्रकार का व्यापार कई लोगो को रोजगार करने के मौके भी अवश्य देते हैं।

आज कल महंगाई के इस समय में परिवार का लगभग हर सदस्य रोजगार करने के अवसर ढूँढ़ता है। आजकल लोग ऑनलाइन के माध्यम से भी घर पर बैठकर फ्रीलांसिंग, मार्केटिंग इत्यादि क्षेत्र में अपना कार्य भी भलीभांति कर रहे हैं। इससे लोगो को घरो पर बैठकर भी काम करने का मौका भी अवश्य मिल रहा है।

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रोजगार के लिए शिक्षा बहुत ही आवश्यक है

शिक्षा रोजगार के अवसर खोल देती है। यदि मनुष्य सुशिक्षित एवं निर्दिष्ट क्षेत्र में प्रशिक्षित है तो उसे अच्छी एवं बढ़िया नौकरी मिलती है। यदि आपने मन लगाकर पढ़ाई की है तो आप अपने मन पसंदीदा क्षेत्र में नौकरी अवश्य कर सकते हैं।

यदि कोई भी मनुष्य गरीबी एवं पारिवारिक कठिनाइयों के चलते शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाया है। तब ऐसे मनुष्य को किसी तरह के कौशल संबंधित कार्यो में निपुण होना चाहिए। यदि कोई भी मनुष्य भली भाँती शिक्षित है, तो रोजगार के दरवाज़े अपने आप तुरंत खुल जाते हैं।

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गरीब एवं असहाय लोगो को शिक्षा जैसा अमूल्य साधन नहीं मिल पाता है, इसलिए अच्छा रोजगार करना उनके लिए एक सपना बन कर रह जाता है। देश में गरीबी, अशिक्षा जैसी कठिनाई अब भी बनी हुई है। इसलिए अशिक्षा के कारण बहुत सारे लोगो को अच्छा काम नहीं मिल पाता है।

रोजगार से मनुष्य रूपये या दौलत ही नहीं कमा सकता है साथ साथ उन्नति अवसर प्रगति शोहरत इज्जत जीवन में कामयाबी आदि की प्राप्ति भी अवश्य कर सकता है रोजगार केवल जीविका चलाने के लिए ही नहीं किया जाता है अपितु रोजगार से बहुत सारी उचाईयो को छू सकते हैं तथा जीवन खुशियों से भी अवश्य बिता सकते हैं।

रोजगार हमें बहुत सारी नयी चीजों से रूहबरु करवाता है जिसके बारे में नहीं भी जानते हैं परन्तु रोजगार से हमे कई विषयो का ज्ञान होता है उसी ज्ञान के बदौलत कामयाबी हासिल कर सकते हैं। रोजगार हर मनुष्य के जीवन का एक अहम् हिस्सा बन गया है क्योकि हर आवश्यकता को पूर्ण करने के लिए पैसो की ज़रूरत होती है वही पैसे हमे रोजगार करने से ही मिलते है रोजगार कई प्रकार के हो सकते है चाहे वो नौकरी पेशा हो व्यवसाय पेशा हो या किसी अन्य प्रकार का रोजगार हो।

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रोजगार की समस्या के बड़े कारण

अगर हम भारत के परिपेक्ष्य में चर्चा करे तो देश में रोजगार के अवसरों की कमी का बड़ा कारण हमारी तेजी से बढ़ती आबादी हैं। देश में रोजगार के अनेकों क्षेत्र और अवसर है, परन्तु अनियंत्रित बढ़ती आबादी के चलते प्रत्येक मनुष्य को नौकरी देना अब पूरी तरह से सम्भव नहीं है। ऐसे में रोजगार के अवसर तभी जरूरतमंद को मिलेगे जब हम जनसंख्या वृद्धि पर नियंत्रण हासिल अवश्य कर लेंगे।

दूसरा बड़ा कारण कौशल प्रशिक्षण का अभाव है। हमारे देश में निपुण व्यावसायिक प्रशिक्षण का अभाव हैं, जिससे प्रशिक्षित युवा को आगे चलकर रोजगार मिल सके। केवल बुनियादी शिक्षा से सरकारी नौकरियों तक रोजगार सिमित अवश्य रह जाएगा। देश के युवाओं को व्यवासायिक शिक्षा दी जाए तो नौकरी के विकल्प वे स्वयं पैदा अवश्य कर सकते हैं।

विकसित देशों में कई रोजगार के ऐसे क्षेत्र है जिनमें हमारे देश के युवा अभी भी अपनी पसंद जाहिर बिल्कुल भी नहीं करते हैं। अभिभावक आज भी अपने बेटे बेटी को इंजीनियर, डॉक्टर, पायलट आदि ही बनाना चाहते हैं जिनकी सम्भावनाएं बहुत ही कम होती हैं।

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निष्कर्ष

आपको बता दें कि देश में सरकार बेरोजगारी को कम करने के लिए पूरी कोशिशें भी कर रही है। देश की बढ़ती जनसंख्या अर्थव्यवस्था को प्रभावित भी कर रही है। अर्थव्यवस्था यदि व्यवस्थित हो, तो रोजगार के अवसरों में काफी वृद्धि होगी। सबको शिक्षित भी होना है तथा अपने तरफ से अच्छे प्रयास भी करने होंगे। सरकार को यह सुनिश्चित भी करना होगा कि देश का हर एक इंसान शिक्षित हो।  जब सब शिक्षित होंगे तब बढ़िया सा रोजगार भी करेंगे तथा देश भी सही माईनो में एकदम से आगे भी बढ़ेगा।